आनंदी सोच और लिरिकल कवीता
Budget: ₹12,500 – ₹37,500 INR
बारिश की पहली बूँद;एक मोती
बारिश की पहली बूँद
बारिश की पहली बूँद उम्मीद दूसरी क्या होगी
जब होगी ढेर सारी बुँदे तब मोतियों की बर्षात् होगी
मोती मै समेट नही सकता देखा है मैने
हे खुदा बिखेर दिये तूने मोती अपने
महसूस किया हैं मैंने
कोशिश करू मैं तेरे मोती समेटने की
पर मोती को पानी बना दिया हैं तूने
पानी तो जिंदगी भी और मौत भी
जिंदगी मोती जैसी है मोती हूँ मैं
मोती क्यो समेटुं मैं तेरे जब पानी पीता हूँ मैं
चाह नहीं मुझे किसी मोती की क्योंकि मोती हूँ मैं
क्या वही थी बारिश की पहली बूँद
जिसको मैंने अभी पिया एक सीप हूँ मैं
समुंद्र की एक ऐसे सीप मोती बना दू तुझे भी मैं
क्योंकि तू ही तो हैं मेरा दर्पण
देखू मैं खुद को तुझमे मैं तुझको समर्पण
मोती तूने बिखेरे समेट लू मैं
मोती ऐसे पानी बन गए वे
पानी भर लू एक पात्र में
पानी को वाष्प बना कर
अपने पास ही ले आया तू
मोती तेरे तुझको ही अर्पण
मेरा जो है वो भी तुझको समर्पण
न कोई चाह न कोई इच्छा
एक तमन्ना तुझसे मुझे
एक आँख मोती बन जाऊ मैं तेरा जब
बारिश की पहली बूँद वही होगी क्या
प्रेरणा- बर्षात के मोती
Gaurav singh
बारिश की पहली बूँद
बारिश की पहली बूँद उम्मीद दूसरी क्या होगी
जब होगी ढेर सारी बुँदे तब मोतियों की बर्षात् होगी
मोती मै समेट नही सकता देखा है मैने
हे खुदा बिखेर दिये तूने मोती अपने
महसूस किया हैं मैंने
कोशिश करू मैं तेरे मोती समेटने की
पर मोती को पानी बना दिया हैं तूने
पानी तो जिंदगी भी और मौत भी
जिंदगी मोती जैसी है मोती हूँ मैं
मोती क्यो समेटुं मैं तेरे जब पानी पीता हूँ मैं
चाह नहीं मुझे किसी मोती की क्योंकि मोती हूँ मैं
क्या वही थी बारिश की पहली बूँद
जिसको मैंने अभी पिया एक सीप हूँ मैं
समुंद्र की एक ऐसे सीप मोती बना दू तुझे भी मैं
क्योंकि तू ही तो हैं मेरा दर्पण
देखू मैं खुद को तुझमे मैं तुझको समर्पण
मोती तूने बिखेरे समेट लू मैं
मोती ऐसे पानी बन गए वे
पानी भर लू एक पात्र में
पानी को वाष्प बना कर
अपने पास ही ले आया तू
मोती तेरे तुझको ही अर्पण
मेरा जो है वो भी तुझको समर्पण
न कोई चाह न कोई इच्छा
एक तमन्ना तुझसे मुझे
एक आँख मोती बन जाऊ मैं तेरा जब
बारिश की पहली बूँद वही होगी क्या
प्रेरणा- बर्षात के मोती
Gaurav singh