महिला सुरक्षा: दावों और हकीकत के बीच
Budget: ₹600 – ₹1,500 INR
शीर्षक: महिला सुरक्षा: दावों और हकीकत के बीच का फासला अनुमानित समय: 59 सेकंड
मूड/टोन: गंभीर, सवालिया और प्रभावशाली
दृश्य (Visuals) वॉयसओवर (Voiceover / Audio)
स्क्रीन पर: NCRB रिपोर्ट की कटिंग या ग्राफिक्स जिसमें राजस्थान को नंबर 1 दिखाया गया हो। बैकग्राउंड में गंभीर संगीत। (गंभीर और स्पष्ट आवाज़ में)
क्या आप जानते हैं कि NCRB की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बलात्कार के मामलों में राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर है?
स्क्रीन पर: उत्तर प्रदेश और राजस्थान का नक्शा। जनसंख्या के आंकड़े (UP: 24 करोड़, RJ: 8 करोड़) स्क्रीन पर पॉप-अप होते हैं। (आवाज़ में हैरानी)
हैरानी की बात यह है कि 23-24 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश जनसंख्या में पहले नंबर पर है, जबकि 8 करोड़ की आबादी वाला राजस्थान सातवें नंबर पर... फिर भी महिलाओं के खिलाफ अपराध में यह राज्य सबसे आगे है।
स्क्रीन पर: पुलिस मुख्यालय का दृश्य और DGP राजीव कुमार शर्मा के बयान की न्यूज़ हेडलाइन या टेक्स्ट। (सामान्य टोन में)
हाल ही में राजस्थान के DGP श्री राजीव कुमार शर्मा ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि 'महिलाओं को सुरक्षा देना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
स्क्रीन पर: बांसवाड़ा का नाम उभरता है। एक पीड़ित महिला का सांकेतिक चित्र (Silhouette) और लाल रंग में "5 महीने" और "कोई FIR नहीं" फ्लैश होता है। (तीखे और सवालिया लहजे में)
लेकिन इन वादों की ज़मीनी हकीकत क्या है? बांसवाड़ा जिले में एक अनुसूचित जनजाति (ST) की महिला के साथ दुष्कर्म होता है। पुलिस को लिखित सूचना दिए हुए 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी के खिलाफ आज तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ!
स्क्रीन पर: "न्याय कहाँ है?" (Where is Justice?) लिखा हुआ आता है। लाइक, शेयर और कमेंट के लिए आइकन। (आवाज़ में जोर देते हुए)
अगर सिस्टम 5 महीने तक एक पीड़ित की आवाज़ नहीं सुन सकता, तो ये प्राथमिकता के दावे किसके लिए हैं? इस वीडियो को शेयर करें और सवाल पूछें... क्योंकि न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है।
es srcipt ke anusar short vedi bnana chahte hai
मूड/टोन: गंभीर, सवालिया और प्रभावशाली
दृश्य (Visuals) वॉयसओवर (Voiceover / Audio)
स्क्रीन पर: NCRB रिपोर्ट की कटिंग या ग्राफिक्स जिसमें राजस्थान को नंबर 1 दिखाया गया हो। बैकग्राउंड में गंभीर संगीत। (गंभीर और स्पष्ट आवाज़ में)
क्या आप जानते हैं कि NCRB की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बलात्कार के मामलों में राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर है?
स्क्रीन पर: उत्तर प्रदेश और राजस्थान का नक्शा। जनसंख्या के आंकड़े (UP: 24 करोड़, RJ: 8 करोड़) स्क्रीन पर पॉप-अप होते हैं। (आवाज़ में हैरानी)
हैरानी की बात यह है कि 23-24 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश जनसंख्या में पहले नंबर पर है, जबकि 8 करोड़ की आबादी वाला राजस्थान सातवें नंबर पर... फिर भी महिलाओं के खिलाफ अपराध में यह राज्य सबसे आगे है।
स्क्रीन पर: पुलिस मुख्यालय का दृश्य और DGP राजीव कुमार शर्मा के बयान की न्यूज़ हेडलाइन या टेक्स्ट। (सामान्य टोन में)
हाल ही में राजस्थान के DGP श्री राजीव कुमार शर्मा ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि 'महिलाओं को सुरक्षा देना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
स्क्रीन पर: बांसवाड़ा का नाम उभरता है। एक पीड़ित महिला का सांकेतिक चित्र (Silhouette) और लाल रंग में "5 महीने" और "कोई FIR नहीं" फ्लैश होता है। (तीखे और सवालिया लहजे में)
लेकिन इन वादों की ज़मीनी हकीकत क्या है? बांसवाड़ा जिले में एक अनुसूचित जनजाति (ST) की महिला के साथ दुष्कर्म होता है। पुलिस को लिखित सूचना दिए हुए 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी के खिलाफ आज तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ!
स्क्रीन पर: "न्याय कहाँ है?" (Where is Justice?) लिखा हुआ आता है। लाइक, शेयर और कमेंट के लिए आइकन। (आवाज़ में जोर देते हुए)
अगर सिस्टम 5 महीने तक एक पीड़ित की आवाज़ नहीं सुन सकता, तो ये प्राथमिकता के दावे किसके लिए हैं? इस वीडियो को शेयर करें और सवाल पूछें... क्योंकि न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है।
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